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Programing in C e-Book In Hindi



What Is Flowchart in hindi

कंप्यूटर द्वारा किसी समस्या के हल के लिए लिखे जाने वाले प्रोग्राम के लॉजिक का design करने के लिय दो महत्वपूर्ण tool होते है- एल्गोरिथम तथा फ्लोचार्ट कंप्यूटर द्वारा किसी समस्या का हल विभिन्न चरणों में किया जाता है प्रथम चरण में फ्लोचार्ट बनाया जाता है किसी समस्या को हल करने के लिए अपनाये  जाने वाली प्रक्रिया का रेखाचित्रीय रूप फ्लोचार्ट कहलाता है फ्लोचार्ट प्रोग्राम के लॉजिक को represent करता है फ्लोचार्ट में किसी समस्या के समाधान में प्रयुक्त प्रक्रियाओं, गणनाओ, निर्णय के बिंदु आदि का प्रवाह प्रदर्शित किया जाता है किसी समस्या के हल का फ्लोचार्ट उस समस्या के लिए प्रोग्राम लिखने के लिए बहुत सहायक होता है अर्थात् एल्गोरिथम को चित्र के रूप में प्रदर्शित करना फ्लोचार्ट कहलाता है

 

फ्लोचार्ट की विशेषता


फ्लोचार्ट की विशेषता निम्नलिखित है

 

    • फ्लोचार्ट कार्य करने के विभिन चरण का क्रम बनता है
    • फ्लोचार्ट प्रोग्राम तर्क का चित्रिय वर्णन है
    • यह प्रोग्राम के विभिन हिसो के बिच सम्बंध व लॉजिक प्रवाह प्रदर्शित करता है
    • प्रोग्राम के विभिन चरणों को चित्रीय रूप से रेखांकित करता है अत: समझने में आसन होता है
    • फ्लोचार्ट प्रोग्राम की गलतियों को सुधारने व बदलने में सहायता करता है
    • यह किसी भाषा विशेष के आधार पर निर्भर नहीं होता है
    • यह प्रोग्राम प्रलेखन का हिसा है

    फ्लोचार्ट के संकेत-

    एक सामान्य फ्लोचार्ट बनाने के लिए विभिन संकेत का प्रयोग किया जाता है हर संकेत का अलग कार्य होता है तथा वे अन्य संदर्भ में प्रयोग नहीं किये जाते है कुछ मत्वपूर्ण संकेत निम्लिखित है

    1. Start and Stop

    इस संकेत को टर्मिनल कहते है यह प्रोग्राम के लॉजिक का प्रारम्भ व अंत को दर्शाता है

    2. Processing Box :

    यह एक आयातकार बॉक्स होता है इसके द्वारा प्रोग्राम के लॉजिक में विभिन अंकगणितीय आउट लॉजिकल एक्सप्रेशन क्रियाओ को व्यक्त किया जाता है

    3. Input \ Output Box :

    इस संकेत द्वारा इनपुट \ आउटपुट क्रियाओ को व्यक्त किया जाता है

    4. Decision Box

    यदि किसी क्रिया में इसे प्रश्नो के उतर देने हो जो “हा” या  “नहीं” से सम्बन्धित हो तो एसे निर्णय Decision Box द्वारा  प्रदर्शित किये जाते है

    5. Subroutine

     निम्लिखित संकेत सबरूटीन को दिखने के  लिए प्रयुक्त किये जाते है कई बार प्रोग्राम के किसी भाग का कार्य प्रोग्राम में कई बार दोहराया जाता है अत: इसे भाग को अलग मोड़युल में लिखा लेते है जिसे सबरूटीन कहा जाता है सबरूटीन को प्रोग्राम में कई बार प्रयुक्त कर सकते है

    6. Connectors

    यह संकेत फ्लोचार्ट के एक भाग को दुसरे भाग से जोड़ने के लिए प्रयोग किया जाता है ये कनेक्टर कहलाते है

    7. Flow Line

       इसका प्रयोग प्रोग्राम में लॉजिक का प्रवाह दिखने के लिए किया जाता है ये तीर के रूप में सरल रेखा होती है

     

 


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